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बुधवार, 26 नवंबर 2025

बालों का असमय सफेद होना

 बालों का असमय सफेद होना


एक चम्मच भर आंवला चूर्ण दो घूंट पानी के योग से सोते समय अंतिम वस्तु के रूप में लें । असमय  बाल सफ़ेद होने और चेहरे  की कान्ति  नष्ट होने पर जादू का सा असर करता हैं । साथ ही स्वर को मधुर और शुद्ध बनता है तथा गले की घर-घराहट भी इससे ठीक हो जाती है ।

खूबसूरती

 खूबसूरती


प्रकृति में इतने किसम के तत्‍व पाए जाते हैं, जो हमारी हर बीमारी को हर सकते हैं। आजकल बाजारों में कई तरह की दवाइयां और तरह-तरह के उत्‍पाद आने लगे हैं कि लोगों ने आयुर्वेद को बिल्‍कुल नकार दिया है। आयुर्वेद हमारी त्‍वचा के लिए भी बहुत अच्‍छा माना जाता है, यह न तो महगां होता है और न ही इसको इस्‍तमाल करने में कोई नुक्‍सान पहुंचता है। पहले जमाने की महिलाएं खुद को खूबसूरत बनाने के लिए आयुर्वेद का ही सहारा लेती थीं इसलिए हमने भी सोंचा कि क्‍यों न हम भी आपके लिए आयुर्वेद के कुछ ऐसे उपचार बताएं जिससे आप अपनी खूबसूरती को सदा के लिए कैद कर लें।


ऐसे करें प्रयोग-


1. झुर्रियों के लिए- अगर आपको चेहरे पर पड़ी झुर्रियों को हटाना है तो अंरडी यानी की कैस्‍टर ऑयल को अपने चेहरे पर लगाएं, इससे त्‍वचा बिल्‍कुल मुलायम हो जाएगी और झुर्रियां भी कम हो जाएगीं।


2. साफ त्‍वचा- त्‍वचा पर अगर दाग-धब्‍बे हैं तो चेहरे को क्रीम वाले दूध से रुई को डुबो कर चेहरे और पोर्स को साफ करें। इससे चेहरा साफ तो होगा ही साथ में पोर्स भी खुलेगें।


3. नेचुरल मॉस्‍चोराइजर- अगर आपकी त्‍वचा साधारण है तो खुद से ही नेचुरल मास्‍चोराइजर बनाइये। इसको बनाने के लिए एक कटोरे में 4 चम्‍मच दही और कुछ बूंदे नींबू और संतरे की मिला कर अपने चेहरे पर मास्‍क के रुप में प्रयोग करें। इसको लगाने के बाद 15 मिनट के अंदर इस मास्‍क को रुई के दा्रा साफ कर लें।


4. स्‍‍किन कंडीशनर- इसको बनाने के लिए दो चम्‍मच क्रीम लें और उसमें शहद मिला लें। इस मिश्रण को अपने चेहरे पर पांच मिनट तक के लिए लगाएं और फिर गीले कपड़े या रुई से पोंछ लें।


5. टोनर- अगर आप कच्‍चा आलू ले कर अपने चेहरे पर लगाएगीं तो यह आपकी त्‍वचा को टोन करेगा और पिंगमेंटेशन की समस्‍या को भी दूर करेगा।


6. चेहरे पर बाल- इसको हटाने के लिए आपको एक पेस्‍ट बनाना पड़ेगा जिसमें तिल का तेल, हल्‍दी पाउडर और आंटे का सही मिश्रण मिला हो।

सुंदर विकास बाल देखभाल

 सुंदर विकास बाल देखभाल


अपने बालों की गुणवत्ता अपने सामान्य स्वास्थ्य पर निर्भर करता है. प्रोटीन फल और ताजा सब्जियों की एक विपुल उपयोग के साथ अमीर आहार, सुंदर और स्वस्थ बालों के लिए अच्छा है. पानी की बहुत सारी और ताजा फल और सब्जियों की बहुत सारी. विटामिन ई अपने को और अधिक चमक है बाल सहायता कर सकते हैं और आप अपने आहार में भूरे रंग के चावल, मेवा, गेहूं के बीज और हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करके यह बहुत आवश्यक विटामिन प्राप्त कर सकते हैं.

बालों के विकास , उनकी चमक और स्वास्थ्य शरीर की हमारी आंतरिक प्रणाली द्वारा संचालित है. उचित देखभाल स्वस्थ बालों के लिए आवश्यक है. समय की शुरुआत के बाद महिलाओं के विभिन्न खाद्य पदार्थों का उपयोग करने के लिए सौंदर्य बढ़ाने के लिए, त्वचा और बालों की समस्याओं को सुलझाने, और आम समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराने का रहस्य जाना जाता है.


यदि ऐसा है, तो आपको कुछ स्वस्थ आहार में परिवर्तन करने पर विचार कर सकते हैं. एक आहार है कि ताजा फल और सब्जियों, कैल्शियम का कम वसा वाले डेयरी उत्पादों और टर्की, चिकन और मछली जैसे दुबला मीट, के माध्यम से बहुत सारे होते हैं आदर्श है. अपने आहार के लिए अपने बालों की गुणवत्ता और कितनी तेजी से यह बढ़ सकती है सहित कई चीजों को बेहतर बनाने में जाना जाता है. इन साधारण परिवर्तन करना बाल विकास प्रक्रिया में मदद कर सकते हैं. न केवल अपने बाल जल्दी हो जाना सकता है, लेकिन यह करने के लिए और अधिक स्वस्थ और, अंततः, और अधिक सुंदर लग रही हो की संभावना है.


अगर आप अपने बाल लंबे और स्वस्थ हो जाना चाहते हैं, आप सुनिश्चित करें कि आप इसे के रूप में ज्यादा ध्यान के रूप में आप संभवतः सकता है ले बनाना चाहता हूँ. एक Ayurvedas सौंदर्य की देखभाल का उपयोग करें. हमेशा याद रखें कि आप अपने बालों पर एक ब्रश का उपयोग कर जब वह गीला है से बचना चाहिए|

हेल्थ

 हेल्थ


जो लोग दुबले-पतले होते हैं वे मोटे होने की कोशिश में रहते हैं। सही पोषण और अच्‍छी डाइट न होने की वजह से अक्सर कमजोरी आ जाती है। ऐसे में अगर आप भी दुबले-पतले शरीर से परेशान हैं तो नीचे लिखे उपायों को अपनाएं.


1. हाइप्रोटिन फूड रेग्युलर डाइट में शामिल करें।


2. हाई कैलोरी का खाना खाएं। उन खाद्य पदार्थों का सेवन ज्यादा करें जिनमें कैलोरी की मात्रा अधिक हो।


3. सुबह हेवी नाश्ता करें।


4. च्यवनप्राश वजन बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक औषधी है।


5. शतावरी कल्पा लेने से न सिर्फ आंखें और मसल्स अच्छी रहती है बल्कि इससे वजन भी बढ़ता है।


6. वसंतकुसुमकर रस वजन को जल्दी बढ़ाने में भी लाभकारी है।


7. अश्वगंधा वलेहा को पानी और दूध से लेने से जल्दी असर करता है।


8. 50 ग्राम किशमिश को साफ पानी में भिगो दें। इसका सुबह-सुबह तीन महीनों तक सेवन करें। वजन जल्दी ही बढऩे लगेगा।


9. नाश्ते के समय बादाम का दूध या मक्खन, घी इत्यादि का सेवन करने से आप स्वस्थ रहेंगे और अपना वजन भी बढ़ा पाएंगे।

अच्छी नींद के लिए

 अच्छी नींद के लिए


पूरे दिन तरोताजा और उर्जा से भरपूर रहने के लिए जरूरी है कि आप रातभर अच्छी और सुकूनभरी नींद लें लेकिन चिंता, सोने का स्थान और परिस्थितियां आपकी नींद में बाधक हो सकती हैं।


योगा व ध्यान करें 


अगर कोई व्यक्ति नियमित रुप से योगा व ध्यान करता है तो उसे रात में नींद नहीं आने की समस्या होने की संभावना कम होती है। योगा आपके शरीर की थकान व तनाव को कम करता है जिससे आप अच्छी नींद ले सकते हैं।


चाय व कॉफी का परहेज जरूरी 


सोने से पहले या शाम के समय ज्यादा कॉफी या चाय नहीं पीएं क्योंकि चाय और कॉफी में कुछ ऐसे तत्व होते हैं, जिनसे उत्तेजना बढ़ती है और मस्तिष्क को जागृत कर देती है। ऐसे में नींद नहीं आने की समस्या हो सकती है।


  सोने का समय तय क रे 


अपने सोने व जागने का समय तय करें, इससे जब आपको आदत हो जाएगी तो अपने आप उस समय आपको नींद आने लगेगी। रात में ज्यादा देर तक नहीं जागें इससे नींद गायब हो जाती है इस कारण हानिकारक एडेरेनाइन हार्मोन का उत्पादन बढ़ जाता है। इसका नतीजा यह निकलता है कि आपको नींद ही नहीं आती है। तय समय पर खुद को सोने के लिए तैयार करें।


 टीवी से जरा दूरी भली


सोने से आधे घंटे पहले टीवी व कंप्यूटर के पास नहीं बैठे क्योंकि टीवी और कंप्यूटर की स्क्रीन से आने वाली रोशनी हमारे शरीर को ये एहसास दिलाती रहती है कि अभी दिन है। इस कारण हमारा शरीर सोने के लिए तैयार नहीं हो पाता। सोने से पहले आप किताबें पढ़ सकते हैं।


 म्‍यूजिक थेरेपी


संगीत में जादू होता है। ये मन की थकान को कम करता है, जिससे शरीर की थकान भी कम हो जाती है। सोने से पहले मधुर कीर्तन सुनें, नींद जल्दी आती है।


 पंजो की मसाज करें


खुद को अच्छी नींद के लिए पंजो का मसाज भी करें। दिनभर की थकान के बाद जब आपके पैरों में मसाज किया जाता है तो इससे आपको आराम मिलता है और नींद अच्छी आती है।

तनाव-टेंशन

 तनाव-टेंशन


तनाव क्या होता है?


तनाव आपके शरीर में उत्पन हुई एक सामान्य प्रतिक्रिया होती है जब आप अपने आपको किसी संकट से घिरा पाते हैं या आपका मानसिक सुंतलन बिगड़ जाता है।

तनाव से जुड़ी प्रतिक्रिया आपको चुनौतियों का सामना करने में सहायता करती है। पर एक सीमा के बाद, यही तनाव कोई भी सहायता करना बंद कर देता है और आपके स्वास्थ्य, आपके मूड, आपकी उत्पादकता, आपके संबंधों और आपके जीवन की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर करता है।

आयुर्वेद में तनाव के कई स्वरुप होते हैं जैसे कि मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक तनाव; और अलग अलग तरह के तनाव में अलग अलग तरह के उपचार की ज़रुरत पडती है। आयुर्वेद के हिसाब से मानसिक तनाव मस्तिष्क का ज़रुरत से ज़्यादा उपयोग, या दुरूपयोग करने से होता है। मसलन अगर आप अधिक समय तक मानसिक कार्य करते हैं या कई घंटों तक कंप्यूटर पर काम करते हैं तो आपकी मानसिक गतिविधियाँ, ऊर्जा, और दिमाग से जुड़े प्राण-वात तत्वों में असुंतलन पैदा होता है। और प्राण-वात के असुंतलन का पहला लक्षण होता है तनाव को संभालने में असर्मथता। जैसे जैसे तनाव बढ़ता है वैसे वैसे धी, धृति, और स्मृति जैसी मानसिक प्रक्रिया में बदलाव उत्पन होता है, या ग्रहणशीलता, अवरोधन, सकारात्मक सोच, उत्साह और रात की नींद पर भी असर पड़ता है।


तनाव के लक्षण:


संज्ञानात्मक लक्षण

स्मरणशक्ति की समस्या।

एकाग्रता की कमी।

परखने में गलती।

नकारात्मक पहलू देखना।

अनवरत चिंता।

भावनात्मक लक्षण

मूड बदलना।

चिडचिडापन या गुस्सा।

बेचैनी, विश्राम न कर पाना।

पराजित महसूस करना।

अकेलेपन और अलगाव का एहसास।

डिप्रेशन या नाराजगी।

शारीरिक लक्षण

दर्द और पीड़ा।

दस्त या कब्ज़ियत।

मतली या चक्कर।

यौन रूचि में कमी।

बार बार सर्दी ज़ुकाम का होना।

अपचन और गड़गड़ाहट।

हृदयगति में तेज़ी।

स्वाभाव से जुड़े लक्षण

कम या ज़्यादा खाना या सोना।

अपने आपको दूसरों से अलग थलग रखना।

कोई भी ज़िम्मेदारी लेने से बचना।

विश्राम के लिए मदिरापान, धूम्रपान या नशीली दवाओं का सेवन करना।


तनाव के लिए घरेलू और आयुर्वेदिक चिकित्सा:


अपने आहार में गर्म दूध के साथ पांच बादामों का समावेश करें । आप दिन में 2 या 3 बार दूध या शहद के साथ 1 ग्राम काली मिर्च का सेवन भी कर सकते हैं।

अपने माथे पर नीम का पाउडर लगाने से भी आपको लाभ मिल सकता है।

दूध या पानी के साथ सूखी अदरक का लेप बना लें और अपने माथे पर लगायें।

एक छोटे तौलिये को ठंडे पानी में डुबोकर निचोड़ लें और कुछ समय के लिए अपने माथे पर रखें।

क्षीरबाला तेल, धन्वन्तरी तेल या नारियल के तेल से पूरे शरीर की मालिश करवाने से भी तनाव कम होने में लाभ मिलता है।

सोने से पहले दूध में गुलकंद मिलाकर पीने से भी लाभ मिलता है।

दोपहर में खाने के साथ मीठे लस्सी में गुलकंद डालकर पीने से भी लाभ मिलता है।

एक अँधेरे कमरे में लेटने से या करीबन आधा घंटा सोने से भी तानव में कमी आ सकती है।

पान के पत्तों में पीड़ानाशक और ठंडक पहुँचाने वाले गुण होते हैं। इन्हें ग्रसित जगह पर रखने से काफी लाभ मिलता है।

अश्वगंधा, ब्राह्मी, अदरक, हाइपरआइसिन जैसी आयुर्वेदिक औषधियां भी तनाव कम करने में लाभदायक सिद्ध होती हैं।

कुछ खान पान जैसे कि बादाम, नारियल, और सेब जैसे मीठे और रसीले फल, लस्सी, घी, ताज़ी चीज़ और पनीर भी तनाव की अवस्था को ठीक करने में मदद करते हैं।


क्या करें, क्या न करें तनाव-टेंशन दूर करने के लिए.


नकारात्मक सोच का त्याग करें।


मदिरापान और नशीले पदार्थों का सेवन न करें क्योंकि दोनों ही आपकी डिप्रेशन को बढ़ा सकते हैं।

जब आप डिप्रेशन में हों तो कोई भी बड़ा फैसला लेने का प्रयास न करें।

अपने आपको निरुत्साह न होने दें।

कम से कम आठ घंटे की नींद तो ज़रूर लें।

रात को दस बजे से पहले सोने का प्रयास करें।

तनाव हममे से अधिकतर लोगों की ज़िन्दगी का हिस्सा बन चुका है, और अगर इसे ठीक तरह से संभाला नहीं जाये तो हृदय रोग, पेप्टिक अल्सर, और कैंसर होने की संभावना बन सकती है।

क्रोध

 क्रोध


दो पके मीठे सेब बिना छीले प्रातः खाली पेट चबा-चबाकर खाने से गुस्सा शान्त होता है। पन्द्रह दिन लगातार खायें। थाली बर्तन फैंकने वाला और पत्नि और बच्चों को मारने पीटने वाला क्रोधी भी क्रोध से मुक्ति पा सकेगा।


जिन व्यक्तियों के मस्तिष्क दुर्बल हो गये हो और जिन विद्यार्थियों को पाठ याद नहीं रहता हो तो इसके सेवन से थोड़े ही दिनों में दिमाग की कमजोरी दूर होती है और स्मरण शक्ति बढ़ जाती है। साथ ही दुर्बल मस्तिष्क के कारण सर्दी-जुकाम बना रहता हो, वह भी मिट जाता है।

कहावत है - "एक सेब रोज खाइए, वैद्य डाक्टर से छुटकारा पाइए।"


या आंवले का मुरब्बा एक नग प्रतिदिन प्रातः काल खायें और शाम को गुलकंद एक चम्मच खाकर ऊपर से दुध पी लें। बहुत क्रोध आना बन्द होगा।

होंठ फट रहें हो तो

 होंठ फट रहें हो तो


 सर्द मौसम में होंठ फटने लगते हैं। ऐसे में होंठों की सुंदरता खत्म होने लगती है। अगर आप भी अपने होठों के फटने या कालेपन से परेशान हैं तो नीचे दिए जा रहे कुछ आसान नुस्खों से आप अपने होठों की सुन्दरता को चार चांद लगा सकते हैं....


• नित्य दो बार होंठों पर ग्लिसरीन लगाने से लाभ होता है।


• इलायची पीस कर मक्खन में मिलाकर रोज दिन में दो बार कम से कम सात दिन लगाएं।


• गुलाब के फूल को पीसकर उसमें थोड़ी सी मलाई या दूध मिलाकर होंठों पर लेप करें।


• नहाने से पहले हथेली में चौथाई चम्मच मूंगफली का तेल लेकर अंगुली से हथेली में रगड़े। फिर होंठो पर इसकी मालिश करें। होंठो के लिए यह लाभप्रद है।


• सोने से पहले सरसों का तेल नाभि पर लगाने से होंठ नहीं फटते।


• घी में जरा सा नमक मिलाकर होंठों व नाभि पर लगाने से होंठ फटना बंद हो जाते हैं।


• पांच बादाम रोज सुबह-शाम खाने से होंठ नहीं फटते।


• ताजे गुलाब की पंखुडियों में थोडी सी मलाई मिला कर होंठों पर लगाएं ।

ऎसा नियमित करने से होंठ गुलाब से खिल उठेंगे।


• आप होंठों पर सिर्फ शहद भी लगा सकती हैं।


• सूखे होंठों पर ताजा मक्खन लगाएं।


• जायफल, गुलाब की ताजी पंखुडियां और ताजा मक्खन मिला कर होंठों पर लगाएं।


• जैतून का तेल और वैसलीन मिलाकर दिन में तीन या चार बार फटे होंठों पर लगाएँ। तीन-चार दिन नियमित उपचार करने पर आपके होंठों की दरारें भरने लगेंगी या भर जाएँगी।


• होंठ कुछ ज्यादा ही फटे-फटे से रहते हैं तो टमाटर के रस में घी या मक्खन मिलाकर लगाएँ। जब तक होंठों की त्वचा चिकनी नहीं हो जाती, यह उपाय जारी रखें।


• मौसम कोई भी हो, होंठों पर इसका प्रभाव न हो इसके लिए शरीर में विटामिन ए व बी कॉम्प्लेक्स की कमी न होने दें। इसके लिए अपने दैनिक आहार में हरी सब्जी, दूध, घी, मक्खन, ताजे फल और ज्यूस लेती रहें।

गांजापन

 गांजापन


कई बार सिर पर चोट लगने, बीमारियां, डायबिटीज, ल्यूकेमिया, क्षय, दाद, एक्जीमा आदि से भी हमारे सिर के बाल धीरे-धीरे झडऩे लगते हैं। बालों का इस तरह झडऩा ही बढ़ते हुए यह गंजेपन का रूप ले लेता है। चिंता, परेशानी, सदमा और दुर्घटना से भी सिर के बाल गिरने लगते हैं। लेकिन कुछ आयुर्वेदिक उपाय ऐसे भी हैं जिन्हें आजमाकर गंजेपन की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है साथ ही बालों को मजबूत और सुंदर बनाया जा सकता है। आवश्यक पोषक तत्वों की कमी जैसे आयोडिन, विटामिन बी कॉम्पलेक्स, आयरन, तांबा, विटामिन ए की कमी से भी हमारे शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। परिणामस्वरूप सिर के बाल रूखे होने लगते हैं और धीरे-धीरे उनका टूटना और गिरना शुरु हो जाता है। इसलिए ऐसे में अंकुरित गेहूं, चना, मूंग आदि खाना बहुत लाभदायक है। साथ ही भोजन में पनीर, सिंघाड़ा, पालक बथुआ, मटर, टमाटर आदि के साथ ही सलाद भी लेते रहना चाहिए। -


रोजाना तीन माह तक सुबह खाली पेट काला तिल व भृंगराज बराबर मात्रा में मिलाकर चबाकर खाने से बाल लंबे व घने हो जाते हैं और बालों का झडऩा बंद हो जाता है। गंजे वाले स्थान पर अमरबेल का लेप नियमित रूप से एक महीने तक करना लाभदायक होता है। इसके काढ़े से सिर धोले से बाल बढऩे के साथ ही काले भी होने लगते हैं। सिर के बाल झड़ रहे हों तो सरसों के पत्तों को जलाकर बनाया गया लेप नियमित रूप से लगाएं कुछ ही दिनों के बाद फिर बाल उगने लगेंगे। -


कैस्टर ऑयल अर्थात एरण्ड का तेल भी काफी उपयोगी है। रोजाना दो महीने तक रात में इसके तेल से सिर पर मालिश करने से गंजापन दूर हो जाता है। गंजेपन के स्थान पर जमालगोटे के बीजों का लेप नींबू के रस के साथ करें, फिर थोड़ी देर बाद सिर धो लें। कुछ ही दिनों में अच्छा असर दिखने लगेगा। नारियल तेल में धतूरे के रस को मिलाकर पंद्रह दिनों तक रोजाना नहाने से पहले लगाएं, कुछ ही महीनों में फायदा दिखने लगेगा। -


गोमूत्र में इंद्रायण की जड़ को पीसकर नियमित गंजेवाले स्थान पर लगाएं, कुछ ही महीने बाद सिर पर बाल उगने लगेंगे।बबूल की कच्ची पत्तियों को पीसकर सिर पर लगाएं, फिर सिर धो लें, ऐसा चार-पांच महीने तक करने पर सिर पर बाल उगने लगेगे।

घटाएं अपना वज़न

 घटाएं अपना वज़न


वजन या खो करना एक ऐसा विषय है जिसपे जितने मुंह उतनी बातें सुनने को मिलती हैं कम करें. लोग एक से एक सुझावों या आहार योजना बताते हैं , जिसके हिसाब से वजन करना मानो बच्चों का खेल हो कम करें. पर हकीकत तो आप जानते ही हैं कि ये असल में कितना काम है चुनौती दे . इसीलिए मैं आज आपके साथ वजन कम करने के लिए , हिंदी में हिस्सेदारी कर रहा हूँ . मेरी कोशिश होगी की यह लेख हिंदी में इस विषय पर लिखे गए सबसे अच्छे लेखों में से एक हो .


वजन बढ़ने का विज्ञान बड़ा सीदा - साधा है . यदि आप खाने - रहे हैं जला उतनी ले पीने के रूप में जितनी कैलोरी नहीं करेंगे तो आपका वजन बढ़ना तय है . दरअसल बची हुई कैलोरी ही हमारे शरीर में वसा के रूप में इकठ्ठा हो जाती है और हमारा वज़न बढ़ जाता है .


वज़न कम करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले आपको ये जानना चाहिए कि आपका वर्तमान वजन सही है या नहीं . इसके लिए आप कृपया इस लेख को पढ़ें कैसे जानें आपका वज़न सही है या नहीं ? यहाँ से आप अपना बॉडी मास इंडेक्स जान पायेंगे . बीएमआई एक बहुत ही सरल उपकरण है जो आपके वज़न और लम्बाई के हिसाब से आपकी शरीर में कितना वसा है बताता है . आपका बीएमआई ये बताता है कि आप किस वजन वर्ग में आते हैं :


अब यदि आप अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं तो ही आपको अपना वज़न कम करने की ज़रुरत है . और यदि आपको इसकी ज़रुरत है तो आपको ये भी जाना चाहिए कि जिस इस्थिति में आप पहुंचे हैं उसकी वज़ह क्या है . वैसे आम - तौर पर वज़न बढ़ने के दो कारण होते हैं :


खान - पान : वजन बढ़ने का सबसे प्रमुख कारण होता है हमारा खान - पान . यदि हमारे खाने में कैलोरी की मात्र अधिक होगी तो वज़न बढ़ने के मौके ज्यादा हो जाते हैं . अधिक तला - भुना , फास्ट फूड , देशी घी , कोल्ड ड्रिंक आदि पीने से शरीर में ज़रुरत से ज्यादा कैलोरी इकठ्ठा हो जाती हैं जिसे हम बिना अतिरिक्त प्रयास के जला नहीं कर पाते और नतीजा हमारे बढे हुए वज़न के रूप में दिखाई देता है . यदि आप इस बात की जानकारी रखें कि आपके शरीर को हर दिन कितने कैलोरी की आवश्यकता है और उतना ही करें तो आपका वजन नहीं बढेगा खपत करते हैं.

निष्क्रिय होना : अगर आपकी दिनचर्या ऐसी है कि आपको ज्यादा हाथ - पाँव नहीं हिलाने पड़ते तो आपका वजन बढ़ना लगभग तय है . ख़ास तौर पर जो लोग घर में ही रहते हैं या दिन भर कुर्सी पर बैठ कर ही काम करते हैं उन्हें जान - बूझ कर अपनी दैनिक जीवन में कुछ शारीरिक गतिविधि चाहिए करनी शामिल है. जैसे कि आप की जगह सीढ़ियों का प्रयोग करें उठा , अपने हित का कोई खेल खेलें , बैडमिंटन , टेबल टेनिस , इत्यादि कि जैसे . यदि आप एक ट्रेडमिल या जिम चक्र एक कर सकें और उसे नियमित रूप से प्रयोग करें तो काफी लाभदायक होगा बनती हैं. वैसे सबसे सस्ता और सरल उपाय है कि आप रोज़ कुछ देर टहलने की आदत डाल लें .


पर इसके अलावा भी कई कारणों से आपका वज़न बढ़ सकता है अन्य कारणों को आप यहाँ देख सकते हैं : वज़न बढ़ने के 10 प्रमुख कारण


अब जब आप वजन बढ़ने का कारण जान गए हैं तो या खो करना आपकी इच्छाशक्ति और जानकारी पर निर्भर करता है कम इसे . यहाँ मैं वजन करने की ऐसी ही कुछ टिप्स हिंदी में हिस्सा खो कर रहा हूँ . उम्मीद है ये जानकारी आपके काम आएगी .

हिन्दी में अपना वजन कम करने के लिए सुझाव


1 .सब्र रखें : याद रखिये की आज जो आपका वजन है वो कोई दो - दिन या दो महीने की देन नहीं है . ये तो बहुत समय से चली आ रही आपकी जीवन शैली का नतीजा है . और यदि आपको वजन घटाने करना है तो निश्चित रूप से आपको सब्र रखना होगा . बेंजामिन फ्रैंकलिन का ये कथन - " जिसके पास धैर्य है वह जो चाहे वो पा सकता है . " हमेशा मुझे प्रेरित करता है . तो आप भी तैयार रहिये कि इस काम में वक़्त लगेगा . हो सकता है शुरू के एक - दो हफ्ते आपको अपने वज़न में कोई अंतर ना नज़र आये पर येही वो वक़्त है जहाँ आपको मजबूत बने रहना है , धैर्य रखना है , हिम्मत रखना है .


 2 अपने प्रयासों में यकीन रखिये . किसी भी और चीज से ज्यादा ज़रूरी है कि आप वजन घटाने के लिए जो प्रयासों कर रहे हैं उसमे आपका यकीन होना . यदि आप एक तरफ प्रतिदिन जिम जा रहे हैं और दूसरी तरफ दोस्तों से ये कहते फिर रहे हैं कि जिम - विम जाने का कोई फायदा नहीं है तो आपका अवचेतन मन भी इसी बात को मानेगा , और सच - मुच आपको अपने एफ्फोर्ट्स का कोई रिजल्ट नहीं मिलेगा . खुद से सकारात्मक बात करना बहुत ज़रूरी है . आप खुद से कहिये कि , " मैं फिट हो रहा हूँ " , " मुझे परिणाम मिल रहे हैं " , आदि .


3.Visualize करिए : आप जैसा दिखना चाहते हैं वैसे ही खुद के बारे में सोचिये . यकीन जानिये ये आपको वजन करने में मदद करेगा खो देते हैं. आप चाहें तो आप अपने कमरे की दीवार , या कंप्यूटर स्क्रीन पर कुछ वैसी ही फोटो लगा सकते हैं जैसा कि आप दिखना चाहते हैं . रोज़ खुद को वैसा देखना उस चीज को और भी संभव बनाएगा .


4. नाश्ते के बाद , पानी को अपना मुख्य पेय बनाएं : . नाश्ते के वक़्त संतरे का रस , चाय , दूध इत्यादि ज़रूर लें लेकिन उसके बाद पुरे दिन पानी को ही पीने के लिए इस्तेमाल करें . कोल्ड - ड्रिंक को तो छुए भी नहीं और चाय - . कॉफ़ी पर भी पूरा नियंत्रण रखें इस तरह आप हर रोज़ करीब 200-250 कैलोरी करेंगे उपभोग कम .


5.Pedometer का प्रयोग करें : ये एक ऐसी युक्ति है जो आप के हर कदम को गिनती करता है . इसे अपने बेल्ट में लगा लें और कोशिश करें की हर रोज़ 1000 अतिरिक्त कदम चला जाये . जिनका वजन अधिक होता है वो आम तौर पर दिन भर में बस दो से तीन हज़ार कदम ही चलते हैं . यदि आप इसमें 2,000 कदम और जोड़ दें तो आपका वर्तमान वजन बना रहेगा और उससे ज्यादा चलने पर वज़न कम होगा . एक मानक pedometer की कीमत 1000 से 1500 से रुपये तक होती है .


पदगणित्र

6. अपने साथ एक छोटी सी डायरी रखें : आप जो कुछ भी खाएं उसे इसमें लिखें . रिसर्च में पाया गया है कि जो लोग ऐसा करते हैं वो औरों से 15 % कम कैलोरी करते हैं खपत करते हैं.


7. जानें कितनी कैलोरी आप लेते हैं , और उसमे 10 % जोड़ कर दें : यदि आपको लगता है कि आप हर रोज़ 1800 कैलोरी लेते हैं और फिर भी आपका वज़न नहीं हो नियंत्रित रहा है तो शायद आप अपनी कैलोरी की मात्रा का गलत अनुमान लगा रहे हैं . आम तौर पर यदि आप अपने अनुमान में 10 % और जोड़ दें तो आपका अनुमान ज्यादा सटीक हो जायेगा . उदाहरण के लिए : 1800 की जगह 1800 + 180 = 1980 कैलोरी .


8. तीन समय खाने की बजाये 5-6 बार थोडा - थोडा खाएं : . दक्षिण अफ्रीका में हुई शोध एक में ये पाया गया की यदि व्यक्ति सुबह , दोपहर , शाम खाने की बजाये दिन भर में 5-6 बार थोड़ा - थोड़ा खाए तो वो कम कैलोरी 30 % करता है खपत करते हैं. और यदि वह उतनी ही कैलोरी ले रहा है जितना की वो तीन बार खाने में लेता है तो भी ऐसा करने से शरीर कम इंसुलिन रिलीज करती है , जो की आपके रक्त शर्करा को सही रखता है और आपको भूख भी कम लगती है .


9. रोज़ 45 मिनट टहलिए : . रोज़ 30 मिनट टहलना आपका वजन बढ़ने नहीं देगा लेकिन यदि आप अपना वजन घटाना 45 मिनट रोज़ टहलना चाहिए कम कम से तो चाहते हैं . अगर आप रोज़ ऐसा कर लेते हैं तो बिना अपना खान - पान बदले भी आप साल भर में 15kg वज़न कम कर सकते हैं . और यदि आप ये काम सुबह सुबह ताज़ी हवा में करें तो बात ही कुछ और है . पर इसके लिए आपको डालनी होगी सुबह जल्दी उठने की आदत .


10. नीले रंग का अधिक प्रयोग करें : नीला रंग भूख को कम करता है . यही वजह है कि अधिकतर रेस्तरां इस रंग का प्रयोग कम करते हैं . तो आप खाने में नीले रंग प्लेटें करें उपयोग , नीले कपडे पहने , और टेबल पर नीला मेज़पोश डालें . इसके विपरीत , लाल, पीला , और नारंगी रंग खाते वक़्त करें बचने , ये भूख बढाते हैं .


11. अपने पुराने कपड़ों को दान कर दें : एक बार जब आप सही वजन पा चुके हैं तो अपने पुराने कपडे , जो अब आपको ढीला होंगे , उन्हें किसी को दान कर दें . ऐसा करने से दो फायदे होंगे . एक तो आपको कुछ दान कर के ख़ुशी होगी और दूसरा आपके दिमाग में एक बात रहेगी कि यदि आप फिर से मोटे हुए तो वापस इतने कपडे खरीदने होंगे . ये बात आपको अपना वजन सही रखने के करेगी प्रोत्साहित करते लिए .


12. खाने के लिए छोटी प्लेट का प्रयोग करें : . अद्ध्यनो से पता चला है कि चाहे आपको जितनी भी भूख लगी हो , यदि आपके सामने कम खाना होगा तो आप कम खायेंगे , और यदि ज्यादा खाना रखा है तो आप ज्यादा खायेंगे . तो अच्छा होगा कि आप थोड़ी छोटी थाली उसे करें जिसमे कम खाना आये . इसी तरह चाय - कॉफ़ी के लिए भी छोटे कप प्रयोग करें बार बार खाना लेना आपका कैलोरी की मात्रा बढाता है इसलिए आपको जितना खाना है उसी हिसाब से एक ही बार में उतना खाना ले लें . .


13. जहां खाना खाते हों वहाँ सामने एक शीशा लगा लें : एक अध्ययन में ये पाया गया कि शीशे के सामने बैठ कर खाने वाले लोग कम खाते हैं . शायद खुद को आकार देखकर उन्हें ये याद दिलाता हो कि वजन कम करना उनके लिए बेहद ज़रूरी है की बाहर .


14.Water युक्त भोजन खाएं : होता है कम पेनसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी की एक शोध में पाया गया है कि पानी युक्त भोजन , जैसे कि टमाटर , लौकी , खीरा , आदि खाने से आपका कुल कैलोरी खपत इसलिए इनका अधिक से अधिक प्रयोग करें . .


15.Low वसा वाले दूध का प्रयोग करें : चाय , कॉफ़ी बनाने में , या सिर्फ दूध पीने के लिए भी स्किम दूध का उपयोग करें , जिसमे कैल्शियम ज्यादा होता है और कैलोरी कम .


16.90 % खाना घर पर ही खाएं : अधिक से अधिक घर पर ही खाना खाएं , और यदि आप बाहर भी घर का बना खाना ले जा सकते हों तो ले जायें . बाहर के खाने में ज्यादातर उच्च वसा और उच्च कैलोरी होती हैं . इनसे बचें .


17. धीरे - धीरे खाएं : धीरे खाने से आपका ब्रेन पेट भर जाने का सिग्नल पहले ही दे देगा और आप कम खायेंगे .


18. तभी खायें जब सचमुच भूख लगी हो : कई बार हम बस यूँहीं खाने लगते हैं . कई लोग आदत , उदासी , या घबराहट की वज़ह से भी खाने लगते हैं . अगली बार तभी खाएं जब आपको वाकई में भूख सहन ना हो . यदि आप कोई विशिष्ट चीज खाने के लिए खोज रहे हैं तो ये भूख नही बस स्वाद बदलने की बात है , जब सच में भूख लगेगी तो आपको जो कुछ भी खाने को मिलेगा आप खाना पसंद करेंगे .


 19. जूस पीने की बजाये फल खाएं : जूस पीने की बजाये फल खाएं , उससे आपको वही लाभ होंगे , और जूस की अपेक्षा फल आपकी भूख को भी कम करेगा , जिससे कुल मिलाकर आप कम खायेंगे .


20 ज्यादा से ज्यादा चलें : आप जितना ज्यादा चलेंगे आपकी कैलोरी उतना ही अधिक होंगी जला . लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना , आस - पास पैदल जाना आपके लिए मददगार साबित होगा . घर में भी आप दिन भर में एक - दो बार अपनी छत का चक्कर लगाने की कोशिश करें . छोटे - छोटे प्रयासों बड़ा परिणाम देंगे .


21. हफ्ते में एक दिन कोई भारी काम करें : हर हफ्ते कोई एक भारी काम या गतिविधि करें . जैसे की आप अपनी बाइक या कार धोने का सोच सकते हैं , बच्चों के साथ कहीं घूमने जाने का योजना कर सकते हैं , या अपने पति या पत्नी की हेल्प करने के लिए घर की सफाई कर सकते हैं .


22. ज्यादातर कैलोरीज़ दोपहर से पहले कंस्यूम कर लें . अध्ययन से पता चला है कि जितना अधिक आप दिन के वक़्त खा लेंगे रात में आप उतना ही कम खायेंगे और दिन में जो की है उपभोग आपने कैलोरी उसके रात तक हो जाने के मौके जला अधिक हैं .


23. डांस करें : जब कभी आपको वक़्त मिले तो बढ़िया संगीत लगा कर डांस करें . ऐसा करने से आपका मनोरंजन भी होगा और अच्छी - खासी कैलोरी भी जाएँगी हो जला . यदि आप इसको दिनचर्या में ला पाएं तो बात ही क्या है .


24 . नींबू और शहद का प्रयोग करें : . रोज सुबह हल्के गुनगुने पानी के साथ नीबू और शहद का सेवन करें ऐसा करने से आपका वज़न कम होगा . यह उपाय हमारे पाठक श्री वी डी शर्मा जी ने अपने अनुभव के मुताबिक बताया है . ऐसा करके उन्होंने अपना वज़न 10 किलो तक कम किया है . उम्मीद है यह आपके लिए भी कारगर होगा .


25 . दोपहर में खाने से पहले 3 ग्लास पानी पीयें : ऐसा करने से आपको भूख कुछ कम लगेगी , और यदि आप अपना वज़न कम करना चाहते हैं तो भूख से थोडा कम खाना आपके लिए लाभदायक रहेगा .

होठों का कालापन

 होठों का कालापन


होठों का कालापन

होंठों को खूबसूरत बनाने के लिए आप क्‍या नहीं करतीं। लिपस्टिक, लिप बाम, माश्‍चराइजर और ना जाने क्‍या-क्‍या। लेकिन, होंठों पर लगाये जाने वाले कई उत्‍पाद वास्‍तव में उन्‍हें खूबसूरत बनाने के बजाय लंबे समय में उन्‍हें नुकसान पहुंचा सकता है। अगर आप भी अपने होठों के फटने या कालेपन से परेशान हैं तो इस स्‍लाइड शो में बताए गए प्राकृतिक उपायों को अपनाकर अपनी समस्‍या से छुटकारा पा सकते हैं।


कोको बटर

दो बड़े चम्मच कोको बटर, आधा छोटा चम्मच मधु वैक्स लीजिए। उबलते पानी पर एक बर्तन में वैक्स डालकर पिघला दीजिए। इसमें कोको बटर मिलाएं। अब इस मिश्रण को ठंडा होने के बाद ब्रश की मदद से होंठों पर लगाइए। इससे होंठ मुलायम होंगे और उनका कालापन दूर हो जाएगा।


दूध की मलाई

होंठों से रूखापन हटाने के लिए थोडी सी मलाई में चुटकी भर हल्दी‍ मिलाकर नियमित रूप से धीरे-धीरे होठों पर मालिश करें। आप देखेंगे कि इस घरेलू उपाय से कुछ ही दिनों में आपके होठ मुलायम और गुलाबी होने लगेंगे


गुलाब की पंखुडियां

होंठों के कालेपन को दूर करने के लिए गुलाब की पंखुडि़यां बहुत ही फायदेमंद होती है। इसके नियमित इस्‍तेमाल से होठों का रंग हल्‍का गुलाबी और चमकदार हो जाएगा इसके लिए गुलाब की पंखुडियों को पीसकर उसमें थोड़ी सी नींबू

क्‍या आप जानते है होंठों को कालापन नींबू से भी दूर हो सकता है। इसके लिए आप निचोड़े हुए नींबू को अपने होठों पर सुबह और शाम को रगड़ें।


केसर

होंठों का कालापन दूर करने के लिये कच्चे दूध में केसर पीसकर होंठों पर मलें। इसके इस्‍तेमाल से होंठों का कालापन तो दूर होता ही है साथ ही वे पहले से अधिक आकर्षक बनने लगते हैं।


शहद

शहद के इस्‍तेमाल से कुछ ही दिनों में आपके होंठ चमकदार और मुलायम हो जाते हैं। इसके लिए थोड़ा-सा शहद अपनी उंगली में लेकर धीरे-धीरे अपने होंठों पर मलें या फिर शहद में थोड़ा सा सुहागा मिलाकर अपने होंठों पर लगाएं। ऐसा एक दिन में दो बार करें फिर देखें इसका असर।


जैतून का तेल

यदि होंठ पूरी तरह से फट चुके हैं और उनमें कालापन भी आ रहा है तो जैतून का तेल यानी ऑलिव ऑयल और वैसलीन मिलाकर दिन में तीन या चार बार फटे होंठों पर लगाने से फायदा होता है। इनका लेप होंठों पर 4-5 दिन लगातार लगाने से होठों की दरारें भी भरने लगती हैं और होंठ हल्‍के गुलाबी भी होने लगते हैं।


चुकंदर

चुकंदर को ब्‍लड बनाने वाली मशीन भी कहते है। चुकंदर होंठ के लिए भी उतना ही फायदेमंद होता है। चुकंदर को काटकर उसके टुकड़े को होंठों पर लगाने से होठ गुलाबी व चमकदार बनते हैं।

खूबसूरत बाल

 खूबसूरत बाल


बेर की पत्तियों व नीम की पत्तियों को बारीक पीसकर उसमें नींबू का रस मिलाकर बालों में लगा लें व दो घंटे बाद बालों को धो लें। इसका एक माह तक प्रयोग करने से नए बाल उग आते हैं व बाल झड़ना बंद हो जाते हैं। 


बड़ के दूध में एक नींबू का रस मिलाकर सिर में आधे घंटे तक लगा रहने दें। फिर सिर को गुनगुने पानी से धो लें। इससे बालों का झड़ना बंद हो जाता है व बाल तेजी से बढ़ते हैं। 


गुड़हल की पत्तियां प्राकृतिक हेयर कंडीशनर का काम देती हैं और इससे बालों की मोटाई बढ़ती है। बाल समय से पहले सफेद नहीं होते। इससे बालों का झड़ना भी बंद होता है। सिर की त्वचा की अनेक कमियां इससे दूर होती है। 


दो चम्मच ग्लीसरीन, 100 ग्राम दही, दो चम्मच सिरका, दो चम्मच नारियल का तेल मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को आधा घंटे तक बालों में लगाएं फि‍र पानी से बालों को साफ करें। बालों में कुछ देर के लिए खट्टी दही लगाएं फिर गुनगुने पानी से बाल धो डालें। बाल एकदम मुलायम हो जाएंगे।

करे खूबसूरती को कैद

 करे खूबसूरती को कैद


प्रकृति में इतने किसम के तत्‍व पाए जाते हैं, जो हमारी हर बीमारी को हर सकते हैं। आजकल बाजारों में कई तरह की दवाइयां और तरह-तरह के उत्‍पाद आने लगे हैं कि लोगों ने आयुर्वेद को बिल्‍कुल नकार दिया है। आयुर्वेद हमारी त्‍वचा के लिए भी बहुत अच्‍छा माना जाता है, यह न तो महगां होता है और न ही इसको इस्‍तमाल करने में कोई नुक्‍सान पहुंचता है। पहले जमाने की महिलाएं खुद को खूबसूरत बनाने के लिए आयुर्वेद का ही सहारा लेती थीं इसलिए हमने भी सोंचा कि क्‍यों न हम भी आपके लिए आयुर्वेद के कुछ ऐसे उपचार बताएं जिससे आप अपनी खूबसूरती को सदा के लिए कैद कर लें।


ऐसे करें प्रयोग-


1. झुर्रियों के लिए- अगर आपको चेहरे पर पड़ी झुर्रियों को हटाना है तो अंरडी यानी की कैस्‍टर ऑयल को अपने चेहरे पर लगाएं, इससे त्‍वचा बिल्‍कुल मुलायम हो जाएगी और झुर्रियां भी कम हो जाएगीं।


2. साफ त्‍वचा- त्‍वचा पर अगर दाग-धब्‍बे हैं तो चेहरे को क्रीम वाले दूध से रुई को डुबो कर चेहरे और पोर्स को साफ करें। इससे चेहरा साफ तो होगा ही साथ में पोर्स भी खुलेगें।


3. नेचुरल मॉस्‍चोराइजर- अगर आपकी त्‍वचा साधारण है तो खुद से ही नेचुरल मास्‍चोराइजर बनाइये। इसको बनाने के लिए एक कटोरे में 4 चम्‍मच दही और कुछ बूंदे नींबू और संतरे की मिला कर अपने चेहरे पर मास्‍क के रुप में प्रयोग करें। इसको लगाने के बाद 15 मिनट के अंदर इस मास्‍क को रुई के दा्रा साफ कर लें।


4. स्‍‍किन कंडीशनर- इसको बनाने के लिए दो चम्‍मच क्रीम लें और उसमें शहद मिला लें। इस मिश्रण को अपने चेहरे पर पांच मिनट तक के लिए लगाएं और फिर गीले कपड़े या रुई से पोंछ लें।


5. टोनर- अगर आप कच्‍चा आलू ले कर अपने चेहरे पर लगाएगीं तो यह आपकी त्‍वचा को टोन करेगा और पिंगमेंटेशन की समस्‍या को भी दूर करेगा।


6. चेहरे पर बाल- इसको हटाने के लिए आपको एक पेस्‍ट बनाना पड़ेगा जिसमें तिल का तेल, हल्‍दी पाउडर और आंटे का सही मिश्रण मिला हो।